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हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़, आक्रोश

असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

मसूरी। मालरोड पर लगी महापुरूषों की प्रतिमा के साथ कुछ असामाजिक तत्व छेड़छाड़ कर रहे हैं। कोतवाली से मात्र 200 मीटर की दूरी पर गढवाल टैरेस के निकट महान लेखक व हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा पर किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने टोपी पहना कर उनका अपमान किया है।

मालरोड पर गढवाल टैरेस से आगे उत्तराखंड के महान कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा विगत वर्ष नगर पालिका परिषद ने लगाई थी जिसका उदघाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने किया था। लेकिन असामाजिक तत्व उस प्रतिमा को भी नहीं छोड़ रहे। किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने चंद्रकुंवर बर्त्वाल के सिर पर टोपी पहना दी। जिसे देख आने जाने वाले मजाक उड़ा रहे हैं, जबकि उक्त स्थल कोतवाली से मात्र दो सौ मीटर दूर मुख्य मालरोड पर है जबकि पुलिस रात भर गश्त करती है।

इस संबंध में चंद्रकुवंर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष शूरवीर सिंह भंडारी ने कहा कि चंद्रकुवंर बर्त्वाल उत्तराखंड के ही नहीं, देश विदेश के साहित्यकारों के प्रेरणा के स्रोत रहे हैं, उनकी प्रतिमा से इस तरह की छेड़छाड बर्दास्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि कोई ऐसे महान व्यक्तित्व वाले महापुरूषों की प्रतिमा से छेड़छाड न कर सके।

एक्टिव मीडिया प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनील सिलवाल ने कहा कि चंद्रकुवंर बर्त्वाल उत्तराखंड के ऐसे महान कवि हुए है, जिनकी तुलना देश के महान कवि सुमित्रानंद पंत जैसे कवियों से तथा विश्व के जाने माने विलियम वड्सवथ व कीट्स आदि से की जाती है। ऐसे महान कवि की प्रतिमा से छेड़छाड करने वाले को बक्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें जो टोपी पहनाई गई है, वह गंदी व फटी है, जिससे हर उत्तराखंडी का अपमान हुआ है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार उनकी प्रतिमा के चबूतरे पर रात को लोग शराब पीते हैं और गिलास व बोतल चबूतरे पर ही छोड़ी होती है, जो कि गलत है। पालिका को प्रतिमा के संरक्षण का प्रयास करना चाहिए, ताकि ऐसे तत्व वहां पर ऐसा घृणित कार्य न कर सकें।

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