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माईनेस 14 डिग्री तापमान में भी केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य जारी

पुनर्निर्माण कार्य मे लगे सैकड़ों कर्मचारियों व मजदूरों के सामने बड़ी चुनौती

Story Highlights
  • केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों और मजदूरों के खान-पान से लेकर गर्म कपड़ों और रहने की समुचित व्यवस्था की गई है: जिलाधिकारी

कुलदीप राणा/रुद्रप्रयाग
नए साल के स्वागत के लिए भले ही पर्यटक हिमाच्छादित हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं ओर बर्फीले हिल स्टेशन पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं लेकिन इन हिमाच्छादित पहाड़ियों में सैर सपाटे से इतर जब बर्फ के बीच माईनेस डिग्री तापमान में पूरे शीतकाल में काम करना पड़े तो यह वाकई सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे ही कुछ केदारपुरी में भी चल रहा है, जहां बर्फ में माईनेस 14 डिग्री तापमान में पुनर्निर्माण का कार्य जारी हैं।

पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट केदारपुरी का पुनर्निर्माण कार्य बाबा केदार के कपाट बंद होने के बाद भी ग्लेशियरों की हाट कंपा देने वाली बर्फीली हवाओं व केदारपुरी में पड़ी बर्फ में भी जारी हैं, गौरीकुण्ड से पैदल मार्ग मे होते हुए केदारनाथ धाम तक पूरा 16 किलोमीटर का रास्ता बर्फ से भरे हुए हैं, दोपहर में धूप के समय कुछ घण्टें छोड़कर केदारपुरी में हर समय तापमान शून्य से नीचे ही रहता है, सुबह, शाम व रात को केदारपुरी का तापमान शून्य ने नीचे – 6 डिग्री सेल्सियस से लेकर – 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुच रहा है, बर्फ के ऊपर और बर्फीली हवाओं के बीच कठिन काम करने से लेकर केदारनाथ में तापमान शुन्य से नीचे रहने के कारण पीने के लिए भी पल-पल सघर्ष करना पड़ता है, यहाॅ हर वक्त पानी को भी बर्फ पिघलाकर तैयार करना पड़ता है जो ठण्ड़ा होकर फिर बर्फ की शक्ल ले लेता है, वही हिमाच्छादित पहाडी़ गलेश्यिरों के बीच आक्सीजन की भी कमी रहती है, ऐसे में पुनर्निर्माण कार्य मे लगे सैकड़ों कर्मचारियों व मजदूरों के सामने बड़ी चुनौती रहती है जिस चुनौती का बीते कई वर्षों से ये हिमवीर शीतकाल के दौरान सामना कर पुनर्निर्माण कार्य मे लगे हैं।

केदारघाटी में पुनर्निर्माण कार्य बीते कई वर्षो से शीतकाल में भी जारी रहते हैं सबसे पहले निम ने केदारपुरी में शीतकाल के दौरान चुनौतीपूर्ण ढंग से पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत कर अहम भूमिका निभाई थी ओर अब निम के चले जाने के बाद अब वुडस्टोन कंस्ट्रक्शन द्वारा यहां सैकड़ो मजदूरों के साथ पुनर्निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

केदारनाथ में इस समय आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल निर्माण, तीर्थपुरोहित आवास स्थल, सरस्वती व मंदाकिनी नदी पर आस्था पथ व घाट निर्माण, केदारनाथ पैदल मार्ग चैड़ीकरण, पैदल मार्गों में शौचालय, स्थास्थ्य केंद्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं जिन पर पीएम मोदी के साथ ही उत्तराखंड शासन व रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की लगातार निगाह बनाये हुए है, वही कड़ाके की ठण्ड़ के बीच कर्मचारियों और मजदूरों के स्वास्थ्य के प्रति भी प्रशासन नजर बनाये हुए है।

वही केदारनाथ पुर्ननिर्माण कार्यो के निरीक्षण के लिए पहुचे जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि केदारनाथ में शेष बचे काम को कर रहे कर्मचारियों और मजदूरों के खान-पान से लेकर गर्म कपड़ों और रहने की समुचित व्यवस्था की गयी है, वैसे बीते कई वर्षो से अब पुर्ननिर्माणकर्मीयों को केदारनाथ की परिस्थितियों में अपने काम करने का लम्बा अनुभव काम आ रहा है।

शून्य से नीचे के तापमान के बीच हाट कंपा देने वाली ठण्ड़ में काम करने वाले केदारनाथ के पुर्ननिर्माणकर्मीयों को भले की इन परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव बीते वर्षों में भी रहा हो, लेकिन आने वाले दिनों में बर्फबारी के बाद इन हिमवीरों का कार्य ओर चुनौती पूर्ण हो जायेगा, लेकिन कठिन परिस्थितियों और चुनौतीयों में काम कर लक्ष्य की प्राप्ति करना केदारनाथ के पुर्ननिर्माण कर्मीयों से जरूर सीखा जा सकता है।

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