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महिला कांस्टेबल यौन उत्पीड़न मामला: 6 दिन तक क्यों कुंडली मारे बैठी रही हरिद्वार पुलिस

ऐसे तो आम पीड़िता को इंसाफ मिलने की बात लगती है बेमानी

देहरादून: महिला कांस्टेबल के यौन उत्पीड़न में फंसे एएसपी परीक्षित कुमार शिकायत के बाद भी पूरे 6 दिन तक अपने पद पर बने रहे. हैरान करने वाली बात यह है कि पीडिता ने एएसपी परीक्षित कुमार के खिलाफ बाकायदा यौन उत्पीड़न की शिकायत लिखित में दी थी. इसके बाद भी वह पद पर बने रहे और पूरे प्रकरण पर हरिद्वार पुलिस कुंडली मारकर बैठी रही.

चर्चाये है कि देहरादून में तैनात एक आईजी इस पूरे प्रकरण को रफा दफा करने में एड़ीचोटी का जोर लगाने के साथ ही परीक्षित कुमार की नई ताजपोशी की पैरवी भी कर रहे थे. दबी जुबां में कई पुलिस अफसर मान रहे हैं कि पीड़िता पर भी शिकायत वापस लेने का भारी दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन वह अपनी शिकायत पर अडिग रही.

सवाल खड़े हो रहे  है कि पूरे प्रकरण को आखिरकार क्यों दबाये रखा गया और परीक्षित कुमार को पद से तत्काल क्यों नहीं हटाया गया. चर्चा है कि पुलिस मुख्यालय में तैनात एक रसूखदार आईजी ही एएसपी की ढाल बने हुए थे। आईजी जी प्रकरण को किसी भी तरह से निपटाना चाहते थे, क्योंकि वे परीक्षित कुमार को देहरादून या हरिद्वार जिले में बतौर एएसपी तैनात करने की पैरवी में भी कर रहे थे.
शिकायत के बाद 6 दिन तक मामले को दबाने से सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि महिलाओं को इंसाफ दिलाने का दम भरने वाले पुलिस महकमे में ही जब यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही महिला कांस्टेबल की आवाज को दबाने की षड्यंत्र रचा जा रहा है, तो एक आम पीड़िता को इंसाफ मिलने की बात बेमानी सी ही है. शुक्रवार को यदि मीडिया के समक्ष यह प्रकरण न पहुंचता, तो एएसपी की पद से विदाई भी न होती और न ही निष्पक्ष जांच की उम्मीद होती.
बता दें हरिद्वार के शहर क्षेत्र में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने 29 दिसंबर को तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल से मिल कर उन्हें आपबीती सुनाई. खबरों के मुताबिक पीड़ित ने कहा कि आरोपी सीओ ने 28 दिसंबर की शाम को उन्हें फोन कर घर से हाईवे पर बुलाया, महिला कांस्टेबल को सरकारी गाड़ी मैं बैठाने के बाद आरोपी पुलिस अधिकारी ने उनके साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दीं. पीड़ित कांस्टेबल ने विरोध किया तो आरोपी सीओ ने उसे धमकाया और कुछ दूरी पर उन्हें गाड़ी से उतार कर चले गए. तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने महिला कांस्टेबल के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए, मामले की जांच के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है. पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि गंभीर आरोप के चलते सीओ सिटी परीक्षित कुमार को हरिद्वार से हटाकर अभिसूचना मुख्यालय में संबद्ध कर दिया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा सके.
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