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गुरू नानक स्कूल का निःशुल्क शिक्षा अभियान “जागृति” सराहनीय मिशन: पालिकाध्यक्ष

निःशुल्क शिक्षा अभियान जागृति का शुभारंभ

जागृति मिशन के तहत दूर दराज से आने वाले बच्चों के लिए बस लगायी गई है, जो घंटाघर लंढौर से प्रातः 9 बजे चलेगी व कुलड़ी किंक्रेग, लाइब्रेरी आदि स्थानों से बच्चों को एकत्र कर गुरूनानक स्कूल संग्रीला ले जायेगी व पढ़ाई के बाद इसी क्रम में बच्चों को वापस छोड़ेगी। इस मौके पर कहा गया कि कक्षा से एक आठ तक के बच्चे सरस्वती शिशु मंदिर में पढेंगे व कक्षा 9 से 12 तक के बच्चें ही गुरूनानक संग्रीला जायेंगे। हालांकि उस क्षेत्र के कक्षा एक से 12 तक के बच्चों को संग्रीला में पढ़ाया जायेगा।

मसूरी। गुरू नानक फिफ्थ सेंटेनरी स्कूल के तत्वाधान में हर साल की भांति इस वर्ष भी शीत काल में हिंदी माध्यम के स्कूलों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए जागृति प्रोजेक्ट शुरु कर दिया गया है। जिसका बतौर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता,  विद्यालय की डीन निर्मलदीप साहनी, प्रधानाचार्य अनिल तिवारी व प्रशासक सुनील बख्शी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यामंदिर इंटर कालेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में निःशुल्क शिक्षा अभियान जागृति का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि गुरू नानक स्कूल का यह मिशन अत्यधिक सराहनीय है, क्योंकि जो गरीब बच्चे हिंदी माध्यम के स्कूलों में पढ़ते हैं, और साधनविहीन है, उन्हें जाड़ों में परीक्षा की तैयारी करवाने में गुरूनानक स्कूल की यह पहल निश्चित रूप से मददगार साबित होने के साथ ही उनकी नींव को मजबूत करने का काम करेगी। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे बच्चे सौभाग्यशाली है जिन्हें यह सुविधा मिल रही है, इसलिए इस योजना का भरपूर लाभ उठायें। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी ऐसे ही गरीब परिवार से थे तथा वह देहरादून आईएमए में सेना में अधिकारी बनने आये थे, लेकिन वह असफल रहे। तब उन्हें ऋषिकेश की एंक संस्था ने गोद लिया और वह विश्व में नामी वैज्ञानिक बने, जिन्हें मिसाइल मैन कहा गया व भारत के राष्ट्रपति बने। उन्होंने कहा कि इसमें पालिका भी हर संभव सहयोग करेंगी।

इस मौके पर विद्यालय की डीन  निर्मलदीप साहनी ने कहा कि इस महान कार्य में शिक्षकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। जो अपने शीतकाल के अवकाश को बच्चों के लिए समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय के चैयरमैन स्व. जसपाल सिंह का सपना था कि जरूरत मंद बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में मदद की जाय जो साकार हो रही है।

इस मौके पर विद्यालय के प्रशासक सुनील बक्शी ने बताया कि इस वर्ष की करीब साढे छह सौ छात्र-छात्राओं के आवेदन आ चुके हैं, जिसमें सबसे अधिक छात्र-छात्रांएं सरस्वती शिशु विद्यामंदिर के हैे। उन्होंने बताया कि एक माह तक कक्षा एक से बारह तक के बच्चों को सभी विषयों की शिक्षा दी जायेगी व इस बार अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

कार्यक्रम में गुरूनानक स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल तिवारी ने कहा कि आदमी की तीन प्रमुख जरूरतें होंती है जिसमें रोटी कपड़ा और मकान लेकिन आज के जमाने में शिक्षित होना जरूरी है। और इसके लिए विद्यालय द्वारा जागृति कार्यक्रम चलाया जा रहा है इसका लाभ लें।

इस मौके पर गांधी निवास सोसायटी के सचिव शैलेंद्र कर्णवाल व कामोद शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सभासद पंकज खत्री, गुरूनानक स्कूल के हेड मास्टर कुलदीप त्यागी, सरस्वती विद्यामंदिर के प्रधानाचार्य मनोज रयाल, सहित बड़ी संख्या में लोग व छात्र छात्राएं मौजूद रहे। इस मौके पर कुछ बच्चों को स्टेशनरी वितरित की गई जबकि बाकी स्टेशनरी विद्यालय में वितरित की जायेगी।

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