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चमोली पहुंची बंदर पकड़ने वाली एक्सपर्ट की टीम, पहले दिन पकडे गए 15 बंदर

इस बार बंदरों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में भेजकर नसबंदी करने के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा

गोपेश्वर। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से एक्सपर्ट की टीम बुलाई है। जिसने नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जाल लगाकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है, पहले दिन गोपेश्वर में 15 बंदरों को पकड़ा है।

चमोली जिले में एक साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो 23 से अधिक लोगों को बंदरों ने काटकर व झपटकर घायल किया। बंदर इतने आतंकित हो गए थे कि लोगों की रसोई में घुसकर खाद्य सामग्री को तक तहस-नहस कर रहे थे। लोग वन विभाग से बंदरों से निजात दिलाने की मांग कर रहे थे। अब केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से एक्सपर्ट की टीम बुलाई है। मथुरा के चार एक्सपर्ट ने पहले दिन नगर के रेंज कालोनी व डिग्री कालेज में जाल लगाकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू किया। पहले दिन वन विभाग की रेंज कालोनी में 15 बंदरों को पकड़ा गया। वन विभाग इन बंदरों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर हरिद्वार भेजा जा रहा है, जहां पर इनकी नसबंदी करने के बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की रेंज अधिकारी आरती मैठाणी ने बताया कि पहले बंदरों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा जाता था। यहां से उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाता था। इससे बंदरों की संख्या में फिर बढ़ोत्तरी होती थी। मगर इस बार रेस्क्यू सेंटर में भेजकर बंदरों की नसबंदी की जाएगी और फिर जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि बंदरों की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जाल लगाकर बंदरों से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि दशोली विकासखंड के स्यूंण गांव से मंगलवार को इसकी शुरूआत की जाएगी।

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