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देशव्यापी हड़ताल: मसूरी में भी गरजे श्रमिक संगठन, ज्ञापन प्रेषित कर सरकार को चेताया

मांगे पूरी नहीं  हुई, तो आगामी आम चुनावों में मजदूर वर्ग मोदी सरकार को सिखाएगा सबक

Story Highlights
  • पीएम व केन्द्रीय श्रम मंत्री को प्रेषित ज्ञापन में ये हैं मुख्य मांगें------
  • राज्य में ईएसआई का अस्पताल तत्काल प्रभाव से बनाया जाय
  • श्रमिक कानूनों का पालन सभी प्रतिष्ठानों के द्वारा करवाया जाय व जो कानूनों को पालन न करे, उस प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय
  • ईएसआई द्वारा बीमाधारकों के उपचार को निःशुल्क सुविधा मैक्स अस्पताल में उपलब्ध कराई जाय
  • आशा वर्करों का मानदेय अन्य स्कीम वर्करों की भांति किया जाय
  • श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रूपये प्रतिमाह किया जाय
मसूरी। मोदी सरकार के श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संघों के आह्वान पर संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति मसूरी ने भी दो दिवसीय हडताल को समर्थन दिया है, जिसके तहत समिति और होटल एंव रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ ने संयुक्त प्रदर्शन किया व उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय श्रममंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
 
केंद्रीय श्रमिक संघों के आह्वान पर मसूरी संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति ने भी 8 व 9 जनवरी के हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। जिसके तहत आज विभिन्न मजदूर संगठनों के पदाधिकारी व उनसे जुड़े श्रमिक शहीद स्थल पर एकत्रित हुए और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जहाँ से वे कचहरी पहुंचे व एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केन्द्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर श्रमिकों की मांगे पूरी करने की मांग की।
इस दौरान मजदूर नेताओं आर पी बडोनी, सोबन सिंह पंवार ने कहा कि बीजेपीनीत सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जनवरी को भी तमाम होटल, स्कूल, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों के साथ ही संगठित व असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि मार्च तक मजदूरों की मांगे पूरी नहीं  हुई, तो आगामी आम चुनावों में मजदूर वर्ग केंद्र की मोदी सरकार को सबक सिखाने का काम करेगा।
केन्द्रीय श्रममंत्री व प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में मांग की गई कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रूपये प्रतिमाह किया जाय, क्योंकि जो वेतन मिल रहा है वह तीन दशक पुराना है। राज्य कर्मचारी बीमा योजना विभाग का अस्पताल बनाया जाय, ताकि श्रमिक परिवारों को दर दर की ठोकरें न खानी पडे़, राज्य में ईएसआई का अस्पताल तत्काल प्रभाव से बनाया जाय। श्रमिक विभाग असंगठित क्षेत्र में मजदूरों के लिए आवासीय कालोनी बनाये, आशा वर्कर, भोजन माताओं व आंगनवाडी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय। आशा वर्करों का मानदेय अन्य स्कीम वर्करों की भांति किया जाय, जिस तरह दिल्ली, त्रिपुरा, राजस्थान, हरियाणा सरकार मानदेय दे रही है। मसूरी के छोटे बडे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों होटल, स्कूल, दुकानों में कार्यरत श्रमिकों का ईएसआई, बोनस अनिवार्य किया जाय ताकि श्रमिकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। श्रमिक कानूनों का पालन सभी प्रतिष्ठानों के द्वारा करवाया जाय व जो कानूनों को पालन न करे, उस प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय। ईएसआई में एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाय और बिलों का सरलीकरण करने के साथ ही दवाइयों की गुणवत्ता की जांच की जाय। ईएसआई द्वारा बीमाधारकों के उपचार को निःशुल्क सुविधा मैक्स अस्पताल में उपलब्ध कराई जाय।
इस मौके पर संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष आर पी बडोनी, होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोबन सिंह पंवार, महासचिव विक्रम बलूडी, मजदूर संघ के सचिव गंभीर सिंह पंवार, होटल वर्कर्स यूनियन के महासचिव पूरण नेगी, सचिव मुलायम सिंह रावत, दून स्कूल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष वैशाख सिंह मिश्रवाण, विजय कंडारी, अरविंद जोशी आदि मौजूद थे।
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