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भ्रष्टाचार के आरोपों पर कर निर्धारण समिति के अध्यक्ष ने दी ये चुनौती- देखें विडियो…….

45 दिन बाद स्वतः भंग हो जायेगी समिति, नही हुआ कोई भ्रष्टाचार: पालिकाध्यक्ष

मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा गठित कर निर्धारण समिति की बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष प्रताप पंवार व सदस्या गीता कुमाई के बीच उपजा विवाद थमता नही दिख रहा है.  बुधवार को बुलाई गयी समिति की बैठक कोरम पूरा न होने के कारण बिना फाइलों के निस्तारण के स्थगित तो हो गयी थी, लेकिन इसी बैठक में समिति की सदस्या गीता कुमाई द्वारा हंगामा कर समिति के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे. अब  कर निर्धारण में भ्रष्टाचार  के सवाल पूछे जाने पर समिति के अध्यक्ष प्रताप पंवार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सदस्या द्वारा पालिका को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जब कोई काम ही नही हुआ है, तो भ्रष्टाचार कैसा.

आपको बता दें कि नई बोर्ड के गठन से पूर्व से गृहकर सम्बंधित सैकड़ों मामले रुके हुए थे, और कर निर्धारण न होने के कारण लोग पालिका जा-जा कर परेशान थे. आम जनता की परेशानी को देखते हुए पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता के दिशा निर्देशों पर भवन कर से सम्बन्धित पुराने मामलों के निस्तारण के लिए सभासद प्रताप पंवार की अध्यक्षता में कर निर्धारण समितिका गठन किया गया.  16 जनवरी को समिति की बैठक बुलाई गयी, जिसमे रुके हुए मामलों का निस्तारण किया जाना था, लेकिन समिति की सदस्या गीता कुमाई ने बैठक में पहुंचकर यह कहते हुए हंगामा शुरू किया कि समिति के सदस्यों को बैठक की सूचना नही दी जा रही है, और मात्र दो लोग अपनी मर्जी के मुताबिक़ वसूली कर भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं.

शुक्रवार को गीता कुमाई के आरोपों को लेकर सवाल करने पर समिति के अध्यक्ष प्रताप पंवार ने कहा कि समिति की सदस्या द्वारा लगाए गये भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने सभासद साथी गीता कुमाई का बहुत सम्मान करते हैं, किन्तु जिस प्रकार से वे विरोध की राजनीती कर रही हैं वह गलत है. उन्होंने कहा कि हम सभी को जनता ने काम करने के लिए भेजा है और इस प्रकार से विघ्न पैदा होने पर जनता के कामो में रुकावट ही पैदा होगी, पंवार ने कहा कि पालिका की गरिमा का ख्याल रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गीता कुमाई द्वारा उन पर अपने कुछ लोगों की कमर्शियल फाईलों का निस्तारण करवाने व उनका टैक्स कम करने का दबाव बनाया जा रहा था. ऐसा नही करने के कारण ही उन पर भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरम के अभाव में जब बैठक ही नही हुई और प्रोसीडिंग ही आगे नही बढ़ी, तो भ्रष्टाचार कैसा?  प्रताप पंवार ने बताया कि सभासद गीता कुमाई द्वारा उनसे कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार से सम्बंधित उनके पास उनकी कोई विडियो रिकॉर्डिंग है, यदि ऐसी कोई रिकॉर्डिंग है, तो उसे सार्वजनिक करें, आरोप सिद्ध होने पर वे समिति के अध्यक्ष पद से खुद ही इस्तीफा दे देंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 45 दिन के लिए समिति का गठन किया गया है, और उनका प्रयास है कि बचे दिनों में सभी आवासीय भवनों का कर निस्तारण कर लिया जाय, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी न हो.

कर निर्धारण समिति विवाद पर पालिकाध्यक्ष अनुज ने गीता कुमाई द्वारा समिति के अध्यक्ष पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि कर निर्धारण को लेकर किसी भी प्रकार की कोई अनियमित्ता व भ्रश्टाचार नही किया गया है. उन्होने कहा कि गत बोर्ड के लंबित पडे गृहकरों का निर्धारण को लेकर सैकड़ों फाइले रूकी हुई थी. जिसके निस्तारण को लेकर सभासद प्रताप पंवार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी कार्य अवधी मात्र 45 दिन की थी. ऐसे में 45 दिन के बाद कर निर्धारण कमेटी स्वंय ही भंग हो जायेगी.  पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अगर सभासद गीता कुमाई के द्वारा कर निर्धारण समिति के अध्यक्ष  प्रताप पंवार पर भ्रश्टाचार के आरोप लगाये गए है तो वह उसको साबित करे. गुप्ता ने कहा कि कर निर्धारण में पारदर्षिता लाने के लिये जल्द नई कर निर्धारण नीति बनाई जायेगी, और कर निर्धारण में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था प्रक्रिया शुरू की जायेगी, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रश्टाचार की कोई गुंजाइश ना रहे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी वित्तवर्ष के बाद जो भी गृहकर लिया जायेगा वह ऑनलाइन होगा, जिसमें आवासीय भवनों का गृहकर मामूली बढोत्तरी के साथ किया जायेगा, जबकि व्यावसायिक भवनों के कर का निर्धारण व्यवसाय के हिसाब से किया जायेगा. उन्होंने कहा कि गत बोर्डों में जो अनियमितताएं कर निर्धारण को लेकर होेती रहीं है, उससे सबक लेकर पारदर्शिता के साथ कर निर्धारण का निर्णय लिया गया है.

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