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धारावाहिक ‘मैं भी अर्धांगनी’ में संस्कारी बहु की भूमिका में दून की बेटी दीक्षा धामी

एक संयुक्त राजस्थानी परिवार की कहानी है 'मैं भी अर्धांगनी': दीक्षा धामी

देहरादून। अभिनय ( acting) के क्षेत्र में उत्तराखंड (uttarakhand) के युवा नए आयाम स्थापित कर रहे हैं. इस कड़ी में अब दून की एक और बेटी का नाम जुड़ गया है। टीवी के धारावाहिक ‘मैं भी अर्धांगनी’ से सीमाद्वार की दीक्षा धामी (diksha dhami) ने भी अपने सफर की शुरुआत कर ली है। सोमवार शाम से इस धारावाहिक की शुरुआत हो गई है।

दीक्षा(diksha) गत वर्ष तीन महीने के लिए मुंबई घूमने गई थीं। इस दौरान उन्होंने शौकिया तौर पर ऑडिशन देने शुरू कर दिए। तभी उन्हें इस सीरियल का ऑफर मिला। दीक्षा मूल रूप से मुनस्यारी की रहने वाली है और 2008 से अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रही हैं। उन्होंने डीएवी से बीकॉम किया है। उनके पिता जगत सिंह धामी आइटीबीपी में कार्यरत हैं और मां विद्या भी अभिनय से जुड़ी हुई हैं। बहन दीपा धामी (deepa dhami) भी गायिकी के क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं और छोटा भाई साहिल अभी पढ़ाई कर रहा है।

अभिनेत्री (actress) दीक्षा ने बताया कि वह आगे भी इसी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती हैं। उन्होंने धारावाहिक ‘मैं भी अर्धांगनी’ के बारे में बताया कि यह सीरियल एक संयुक्त राजस्थानी परिवार की कहानी है। इसमें दर्शकों को सस्पेंस, मैलोडी, ड्रामा और आत्मा-प्रेत की कहानी देखने को मिलेगी। बताया कि वह एक संस्कारी बहु अनुराधा की भूमिका निभा रही हैं। इसके लिए परिवार और रिश्ते बहुत मायने रखते हैं। उनकी सास के रोल में लोकप्रिय अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल(deepshikha nagpal) हैं, जो कि एक वैंपायर के रोल में हैं।

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