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अजब-गजब है उत्तराखंड शिक्षा विभाग, पहले सम्मान, फिर रिश्वतखोरी के आरोप में तबादला

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित होने के तुरंत बाद तबादला होने से हतप्रभ हैं अल्मोड़ा के मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी

अल्मोड़ाः गणतंत्र दिवस पर जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी को बेस्ट सीइओ के तौर पर मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. लेकिन अगले ही पल उन्हें जो झटका लगा वह हैरान करने वाला है, छुट्टी के दिन ही रिश्वतखोरी के आरोप में शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर के निर्देश पर अल्मोड़ा के प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी को पद से हटाते हुए उन्हें शिक्षा निदेशालय से अटैच करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।बताया जा रहा है कि यह तबादला शिक्षा अधिकारी को जिले के एक अशासकीय विद्यालय प्रबंधन समिति के लोगों द्वारा की गई शिकायत पर तुरन्त कर दिया गया. अब मुख्य शिक्षा अधिकारी को यह बात गले नहीं उतर रही कि ये सम्मान था या अपमान?

दरअसल, मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी को गणतंत्र दिवस के मौके पर यह सम्मान उन्हें कोसी संवर्द्धन एवं स्कूलों में रूपान्तरण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया गया. लेकिन सम्मान पाकर एक पल के लिए गदगद हुए जगमोहन सोनी अपना तबादला आदेश जारी होने की सूचना सुनकर वह हतप्रभ रह गए. अपने तबादले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे अधिकारियों को हतोत्साहित करने वाला बताया. उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इससे अधिकारियों की छवि खराब होती है.

बताया जा रहा है कि विगत दिनों पिथौरागढ़ दौरे पर जा रहे प्रभारी मंत्री व प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडेय से रास्ते में कुछ लोगों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी पर अशासकीय विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति विज्ञापन को लेकर कथित घूस लेने का आरोप लगाया था. जिस पर शिक्षामंत्री ने आरोपों की बिना जांच किए तुरन्त ही मुख्य शिक्षा अधिकारी को अल्मोड़ा से स्थांनांतरित कर शिक्षा निदेशालय में अटैच करने का शासनादेश जारी कर दिया.

मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने कहा है कि अचानक किया गया तबादला उनकी समझ से परे है. उन्होंने कहा कि यदि किसी ने शिकायत की है, तो उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए थी. वे आगे कहते हैं कि एक ओर सरकार उन्हें प्रदेश में बेहतर शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए सम्मानित कर रही है. वहीं, दूसरी ओर अचानक पिछले दरवाजे से तबादले का आदेश जारी कर देती है, जो सही नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय के मामले में उन्हें घसीटा जा रहा है, वहां नई भर्ती के शासनादेश के अनुसार मानक पूरे नहीं बैठ रहे हैं. इसलिए उन्होंने शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी करने पर ऐतराज जताया था.

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