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ग्रामीणों की चेतावनी- लोकसभा चुनाव का करेंगे बहिष्कार, क्यों नाराज है ग्रामीण? देखें विडियो-

सडक नही तो वोट भी नही

कुलदीप राणा/रुद्रप्रयाग
सडक नही तो वोट नहीं, लोक सभा चुनाव सामने आते देख ग्रामीणों का आक्रोश भी दिखना शुरु हो गया है। सरकारी प्रक्रियाओं में उलझी ग्रामीण विकास की योजनाओं पर धरातलीय क्रियानवयन न होने पर ग्राम पंचायत स्वीली के ग्रामीणों ने आगामी लोक सभा चुनावों के बहिष्कार की घोषणा कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के अधीन दो सडकें वर्षों से लटकी हुई हैं और सरकार के नुमाइंदे महज आश्वासनों के जरिये जनता को गुमराह कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों व सडक निर्माण संर्घष समिति से जुडे पदाधिकारियों ने जनपद मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सरकार को आगाह किया कि आगामी दो माह में सडक निर्माण का कार्य शुरु नहीं होता है तो ग्रामीण लोक सभा चुनावो के बहिष्कार को मजबूर हो जायेंगे। कहा कि पंचायत के अधीन वर्ष 2012-13 में जिला योजना के तहत सेम-डुंग्री मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था मगर तब से लेकर अभी तक मोटर मार्ग निर्माण की कार्यवाही शुरु नहीं हो पायी है साथ ही वर्ष 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत दरमोला-डंुग्री मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली और सडक निर्माण के लिए 2 करोड 95 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्राप्त हुई मगर मार्ग पर भू सर्वेक्षण के अतिरिक्त अभी तक कुछ भी कार्य आगे नहीं बड पाया है।

सडक निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कृष्णानन्द डिमरी ने बताया कि ग्रामीण लम्बे समय से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अपनी मांगों के पक्ष में लगातार पत्राचार कर रहे हैं और कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं मगर अधिकारी लम्बे समय से मोटर मार्ग निर्माण की फाइलों को दबाये बैठे हैं जिससे मजबूर होकर ग्रामीणों को चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेना पड रहा है।

सरकार भले ही जीरो टोलरेंस की बात कर रही है, मगर क्षेत्रों में अधिकारियों की मनमर्जी के आगे किसी की कुछ भी नहीं चल रही है यही कारण है विकास योजनाओं की फाइलों का धरातलीकरण नहीं हो पा रहा है और जनता को विवश होकर अपने संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड रहा है।

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