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खुद का वेतन निकाल नहीं सकते तो फिर कैसे निकालेंगे शिक्षकों का वेतन

सतना/उचेहरा से रविशंकर पाठक

सरकारी निर्देशों की मनमानी या नियमों की अनदेखी कुछ भी हो पर परेशान शिक्षक हो रहे हैं
यह परेशाानी जनपद शिक्षा केंद्र उचेहरा के सैकड़ों शिक्षकों के साथ हो रहा है
यहां पर तत्कालीन बनाए गए बीईओ अपनी वेतन खुद नहीं निकाल सकते हैं उनको यह अधिकार अभी तक नहीं मिला है कि अपनी वेतन निकाल ले तो पूरे विकासखंड के शिक्षकों का वेतन कैसे निकालेंगे।
यह एक विचारणीय और चिंतन का विषय बन गया है
इस मामले में जहां जिला शिक्षा अधिकारी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते वह इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
गौरतलब है कि नया मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद के लिए हो गया है यहां पर 20 किलोमीटर दूरी के जे पी त्रिपाठी को विकास खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है जबकि उनके पास डीडीओ पावर नहीं है तो पावर ना होने के कारण वह अपना भी वेतन नहीं निकाल सकते इनकी वेेेतनत नागोद विकास खंड शिक्षा अधिकारी निकालते हैं।
ऐसी विषम स्थितियों सामने आ गई हैं
जबकि उचेहरा विकासखंड मुख्यालय से 4चार प्राचार्य मौजूद है जिसमें ई चोल के प्राचार्य एम एल जाटव करही कला के प्राचार्य उषा बेलिया बिहटा के प्रचार और पिपरी कला के प्राचार्य 5 किलोमीटर के दायरे में आते हैं लेकिन इनको विकास खंड शिक्षा अधिकारी का पदभार नहीं दिया गया है जिसके कारण से यहां एक भी पत्राचार विगत 1 हफ्ते से नहीं हो पा रहे हैं
वही जानकार सूत्र बताते हैं कि एक चिट्ठी में साइन कराने के लिए 20 किलोमीटर दूर कुलगढ़ी जाना पड़ता है और कुल बड़ी आने-जाने का खर्च एक बार में कम से कम ₹100 का होता है इसकी भरपाई कैसे होगी यदि गलत कुछ नहीं किया जाएगा तो फिर इनकी जेब कटेगी और जब से विकास खंड शिक्षा अधिकारी का पदभार जे पी त्रिपाठी ने संभाला है अभी तक उचेहरा में यह नहीं आए हैं और ना ही अब परीक्षाएं समाप्ति की ओर है इनके द्वारा कोई भी निरीक्षण नहीं किया गया है

बगैर वेतन के शिक्षक खेलेंगे होली

आलम यह हो गया है कि उचेहरा विकासखंड के शिक्षकों को अभी तक फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है जिसके कारण होली जैसे त्यौहार शिक्षक नहीं मना पाएंगे इनके लिए यह चिंता का विषय हो गया है और मार्च महीना समाप्त होने को है तो फिर वेतन इनके कैसे मिलेगी इस मामले में जहां प्रशासन गंभीर नहीं है वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कोई कार्रवाई भी नहीं कर पा रहे हैं
लिहाजा अब होली शिक्षकों के लिए बेरंग रहेगी जो रंगो की होली मानी जाती थी वह शिक्षक नहीं मनाएंगे।

इनका कहना है अभी तक मेरे डिजिटल सिगनेचर नहीं बने हैं जिसके कारण से फरवरी माह का वेतन शिक्षकों को नहीं मिल पाया है।

जेपी त्रिपाठी
प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी उचेहरा

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