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हाईकोर्ट आदेश ने करायी कर्मचारियों की वापसी

सतना से रवि शंकर पाठक की रिपोर्ट

रीवा। मध्यप्रदेश में सत्ता बदलने का सबसे ज्यादा असर रीवा नगर निगम आफिस में देखने को मिला। लोकल कांग्रेस नेताओं की शिकायतों के आधार पर रीवा नगर निगम में एक जमाने से अंगद के पांव की तरह जमे ऐसे मठाधीशों का तबादला किया गया जिन्होंने पूरे सिस्टम को अपने चंगुल में लेकर शहर विकास की आड मे जमकर मलाई छानने का काम किया। फरवरी 2019 के दौरान अधिकारियों के साथ साथ भाजपा से करीबी रखने वाले कर्मचारियों को भी तबादले का प्रसाद देकर रीवा नगर निगम से रवाना किया गया था। इसी बीच करीब चार कर्मचारी राहत हासिल करने के लिए हाईकोर्ट जबलपुर की शरण में पहुंच गए। जहां पर मामले की सुनवाई करते हुए नगरीय विकास विभाग के जारी किए गए तबादला आदेश के खिलाफ राहत रुपी स्टे ऑर्डर जारी कर दिया गया। जबलपुर हाईकोर्ट के इसी आदेश के सहारे कर्मचारियों की शनिवार 23 मार्च को घर वापसी हो गई। चारों कर्मचारियों ने शनिवार को रीवा नगर निगम आफिस पहुंच कर नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव को हाईकोर्ट के आदेश को उपलब्ध कराते हुए पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद सभी कर्मचारियों ने रीवा नगर निगम में अपना कामकाज संभाल लिया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर जिन नगर निगम कर्मचारियों की घर वापसी हुई है उनमें राजेश चतुर्वेदी, अच्छे लाल पटेल, अरुण शुक्ला और मुन्ना बालमीक शामिल हैं।

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