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नौनिहलो के ज्ञापन के बाद भी निरीक्षण करने नही पहुचे कलेक्टर उग्र आंदोलन की सुगबुगाहट शुरु

सतना उचेहरा से रवि शंकर पाठक की रिपोर्ट

शासकीय महाविद्यालय भवन की आराजी सहित भवन निर्माण का मुद्दा गले की फांस बनता जा रहा है एक ओर जहां तहशील वासी आक्रोश में नजर आ रहे है। गाव गाव में व्याप्त रोष को समझा जा सकता है तो वही महाविद्यालय के छात्र सड़क में उतरने की कसमे खा रहे है। बीते दिवस समाज सेवियों और महाविद्यालय के अध्यक्ष की अंगुआई में जिले के मुखिया कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था जिस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि मैं स्वयं निरक्षण करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करुगा लेकिन समय गुजरते ही यह मुद्दा ठंडे बस्ते में डाल दिया और नौनिहालों के जज्बातों के साथ खिलावाड़ किया जा रहा इस बात से बच्चों में आक्रोश पनपता जा रहा है। जिसका असर शीघ्र सड़क में दिखने वाला है।

*दो कमरों में 400 सौ छत्रों की पढ़ाई पूरी कैसे हो*

उंचेहरा महाविद्यालय में लगभग 400 से आस पास छात्र एव छात्राएं अध्यनरत है। जो शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय के दो कमरों में विगत वर्ष 2013 से संचालित हो रहा है अंदाजा लगाया जा सकता है क्या 400 सौ बच्चे एक साथ बैठ कर विषय बार पढ़ाई कर सकते है। बच्चों का भविष्य अंधकार में है बहुत से परिवारो के बच्चे सतना मैहर में अपने बच्चों को पढ़ने भेजने में असमर्थ है जिसकी वजह से 12 वी उपरांत पढ़ाई से वंचित हो जाते है। जिसको लेकर पूर्व में व्यपारी संघ एव किसान यूनियन सहित तहशील वासियो ने कालेज की माग की थी कालेज खुला भी लेकिन शासन प्रशासन की उदासीनता की वजह से सिर्फ दो कमरों में सिमट कर रह गया हजारो एकड़ भूमि उपलब्ध होने के बाज कलेक्टर द्वारा आवंटित भूमि पर वर्ष 2016 से अब तक भवन का निर्माण प्रारम्भ नही हुआ है स्वीकृति राशि भी वापस हुई है।

*क्या अपनी भूल सुधार पाएगी एस डी एम*

अनुविभगीय कार्यालय की उदासीनता की वजह से अब तक निर्माण प्रारम्भ नही हो सका है। हर रिकार्ड में उच्च शिक्षा विभाग में नाम मे अलाट हुई भूमि पर निर्माण होगा य नही होगा यह अनुविभगीय कार्यालय के जवाब पर निर्भर है। 29 तारीख को हाइकोर्ट में जवाब तलब करना है देखने वाली बात होगी कि अनुविभगीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्बहन करती है य नही या पूर्व वर्षो की भांति फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। लेकिन एक बात तय है 29 तारीख के बाद उग्र आंदोलन की सम्भावनाये प्रबल हो चुकी है क्यो नौ निहलो सहित अभिवावक समाज सेवी ऐलाने जंग के लिए कमर कस चुके है। छात्र मौसमी कचरे,मुकेश केवट,पूजा शर्मा,पूनम साहू,रचना सिंह,दुर्गा सेन,आकांक्षा ताम्रकार, प्रिय गुप्ता,रीतू गुप्ता सहित सैकड़ों विद्यार्थियों व उनके अभिवावकों का कहना है यदि 7 दिवस में उचित माकूल जवाब निर्णय नही होता है तो हम सब मिल कर आर पार की लड़ाई को तैयार है

*इनका कहना है*

◆उंचेहरा कालेज भवन में पर्याप्त भवन नही होने की वजह से हमारी पढ़ाई नही हो पा रही है न ही अभी तक पढ़ाई का वैसा माहौल तैयार हुआ है हमारे नेताओं और अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है…………शुषमा प्रजापति छात्र

◆ हमारी लाजमी माग पूरी नही हुई तो चुनाव से पहले ही हम कानून के दायरे में रहते हुए आंदोलन के लिए बाध्य होंगे गाव गाव जा कर चुनाव के बहिस्कार की भी अपील करेंगे जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा। आश्वासन के बाद भी कलेक्टर महोदय नही पहुचे इससे ही स्पस्ट होता है कि शासन प्रशासन इस विषय मे कितनी कोताही बरत रहा है…….. शालिनी सिंह अध्यक्ष शासकीय महाविद्यालय उंचेहरा

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