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पोर्न फिल्मो को बढ़ावा देने वाले प्लेटफर्म्स के खिलाफ मुंबई में छिड़ी मुहिम, किए गए मुकदमे दर्ज

मुंबई। देश में इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ ही तेजी से पैर पसार रही पोर्न फिल्म इंडस्ट्री अब महाराष्ट्र पुलिस के निशाने पर है। महाराष्ट्र पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि इस इंडस्ट्री के कुछ निर्माता असहाय और बेबस लड़कियों का शोषण कर रहे हैं और उन्हें अश्लील फिल्मों में काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। पुलिस ने इस बारे में शिकायत दर्ज करके पोर्न फिल्म सामग्री बनाने वाले निर्माताओं को तलब किया है, जिनमें पुलिस के मुताबिक एक बड़ी कंपनी के अधिकारी भी शामिल हैं।

देश में पोर्न फिल्मों की खपत इंटरनेट सस्ता होने के बाद से बहुत बढ़ी है। इसमें और भी ज्यादा बढ़ोतरी तब दर्ज की गई जब कोरोना वायरस की वजह से देश में लॉकडाउन लागू हुआ। लॉकडाउन शुरू होने के बाद शुरुआती तीन सप्ताह में देश में पोर्न देखने वालों में 95 फीसदी का इजाफा हुआ। और इसी का फायदा उठाना चाहा देश में मुफ्त और प्रीमियम दोनों ही सर्विस पर चल रहे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने। कोई पाबंदी न होने ही वजह से ओटीटी मालिकों को छूट ऐसी मिली कि ‘ट्रिपल एक्स’, ‘गंदी बात’, ‘चरमसुख’ और न जाने क्या क्या वेब सीरीजें आने लगीं। अब इन सभी की खबर लेने का फैसला महाराष्ट्र साइबर सेल ने लिया।

मुंबई में पोर्न और सेमी पोर्न फिल्में बनाने का धंधा भोजपुरी, मराठी और हिंदी तीनों भाषाओं में अपनी जड़ें जमा चुका है। दादर, ओशिवारा, अंधेरी और मीरा रोड व भायंदर तक पैर पसार चुके इस धंधे में खुले आम संघर्षरत लड़कियों व लड़कों को पोर्न फिल्म करने के ऑफर मिल रहे हैं। संघर्षरत अभिनेत्रियों को कास्टिंग डायरेक्टर और उनके लिए काम करने वाले कर्मचारियों की तरफ से ऐसे वीडियो भी भेजे जा रहे हैं, जिस तरह की शूटिंग करने की उम्मीद इन संघर्षरत अभिनेत्रियों से की जाती है।

महाराष्ट्र साइबर ने पुलिस से अब तक छह ओटीटी ऐप और दो वेबसाइट के खिलाफ इंटरनेट के जरिए अश्लीलता फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है। महाराष्ट्र साइबर सेल के पुलिस महानिरीक्षक यशस्वी यादव ने बताया कि इन सभी प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट की अरसे से निगरानी की जा रही थी। और, अब तक की जांच में ये सामने आया कि इन फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियों का शोषण करके ये वीडियो और फिल्में तैयार किए गए हैं।

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