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‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के मेकर्स को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, गिरफ्तारी पर लगाई रोक

मुंबई. वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के लिए राहत की खबर मिल रही है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकी गिरफ्तारी पर शुक्रवार को रोक लगा दी. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है.

रितेश सिधवानी और अन्य की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष चंद की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया और राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए उन्हें जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई मार्च, 2021 के पहले हफ्ते में होगी.

मिर्जापुर जिले दर्ज हुई एफआईआर

उल्लेखनीय है कि मिर्जापुर वेब सीरीज के निर्माताओं के खिलाफ प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कोतवाली देहात पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसमें आरोप है कि मिर्जापुर कस्बे को सीरीज में गलत ढंग से दिखाया गया है, जिससे धार्मिक आस्था को चोट पहुंचती है.

कई धाराओं दर्ज हुआ मामला

वेब सीरीज के निर्माताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए, 504, 505 और 34 और आईटी कानून की धारा 67-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था. सिधवानी और दूसरे निर्माता के वकीलों ने दलील दी कि भले ही एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों को सही मान लिया जाए तो भी याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता.

ऐसा कोई आरोप नहीं है कि इस वेब सीरीज का निर्माण नागरिकों की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से किया गया है.

गिरफ्तारी पर लगी रोक

अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, इस मामले के तथ्यों और पेश की गई दलीलों को देखते हुए सुनवाई की अगली तारीख तक या अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 173 (2) के तहत पुलिस की रिपोर्ट दाखिल होने तक, जो भी पहले हो, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि याचिकाकर्ता जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे.

उल्लेखनीय है कि मिर्जापुर एक भारतीय एक्शन क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज है जिसे एमेजॉन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है. इस वेब सीरीज की पटकथा करण अंशुमान ने पुनीत कृष्ण और विनीत कृष्ण के साथ मिलकर लिखी है और इसका निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है.

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